जहाँ समय का होश ना रहे।
बातों का सिलसिला कुछ इस तरह चले ।
जाम बने या चाय बने
जम गई टोली, अब कोई ना टले ।
हाँ दोस्तों में कुछ तो बात होती है !
कोई अपना गीत गुनगुनाता । (guess)
कोई रखता शायरी का रूबाब । (guess)
थिरकते मोर जैसा, मेरा एक दोस्त । (guess)
हर दोस्त मेरा, महख़ाने की सबसे महँगी शराब ।
हाँ दोस्तों में कुछ तो बात होती है !
जिस्म बहुत है,
पर दो से धड़कता दिल इस दल का । (guess २ names )
खीर खिलाके ,कोई चाय पिलाके । (guess)
कॉफ़ी की कशिश से करे कोई मुझे हल्का । (guess)
हाँ दोस्तों में कुछ तो बात होती है !
हँसी किसी की,जैसे झील का पानी । (guess)
बोले कोई ,नदी सी बानी । (guess)
हर दोस्त अजूबा, बड़ा अचंभा ।
शुक्र खुदा का यहाँ कोई ना ज्ञानी ।
हाँ दोस्तों में कुछ तो बात होती है !
हँसी ठिठोली ,भर दें हर कोना । (guess )
ख़ुशी ना सिमटे ,तो पड़े है रोना ।
रईसों को मैं अब रास ना आती ।
मेरे दोस्त है बहुत, और सब है सोना ।
हाँ दोस्तों में कुछ तो बात होती है !
जहाँ घड़ी को आराम नहीं ।
बातों को भी पूर्णविराम नहीं ।
चाय पे चर्चा, होती सबकी
बचे ना कोई ,जिसकी खिंचे टाँग नहीं ।
हाँ दोस्तों में कुछ तो बात होती है!
समय का होश हम मदहोशों को कहाँ ।
चार भी बैठ जायें ,जिस किसी के यहाँ ।
बातों का सिलसिला रुकते ना बनता ।
सैलाब में बह जाये, फिर चाहे दुनिया जहाँ
हाँ दोस्तों में कुछ तो बात होती है !
No comments:
Post a Comment