Wednesday, November 5, 2025

हाँ दोस्तों में कुछ तो बात होती है

 जहाँ समय का होश ना रहे।  

बातों का सिलसिला कुछ इस तरह चले । 

जाम बने या चाय बने   

जम गई टोली, अब कोई ना टले ।  

हाँ दोस्तों में कुछ तो बात होती है !


कोई अपना गीत गुनगुनाता ।  (guess)

कोई रखता शायरी का रूबाब ।  (guess)

थिरकते मोर जैसा, मेरा एक दोस्त ।  (guess)

हर दोस्त मेरा, महख़ाने की सबसे महँगी शराब ।  

हाँ दोस्तों में कुछ तो बात होती है !


जिस्म बहुत है,

पर दो से धड़कता दिल इस दल का ।  (guess २ names )

खीर खिलाके ,कोई चाय पिलाके ।  (guess)

कॉफ़ी की कशिश से करे कोई मुझे हल्का ।  (guess)

हाँ दोस्तों में कुछ तो बात होती है !


हँसी किसी की,जैसे झील का पानी ।  (guess)

बोले कोई ,नदी सी बानी ।  (guess)

हर दोस्त अजूबा, बड़ा अचंभा ।  

शुक्र खुदा का यहाँ कोई ना ज्ञानी ।  

हाँ दोस्तों में कुछ तो बात होती है !


हँसी ठिठोली ,भर दें हर कोना ।  (guess )

ख़ुशी ना सिमटे ,तो पड़े है रोना ।  

रईसों को मैं अब रास ना आती ।  

मेरे दोस्त है बहुत, और सब है सोना ।  

हाँ दोस्तों में कुछ तो बात होती है !


जहाँ घड़ी को आराम  नहीं ।  

बातों को भी पूर्णविराम नहीं ।   

चाय पे चर्चा, होती सबकी 

बचे ना कोई ,जिसकी खिंचे टाँग नहीं ।  

हाँ दोस्तों में कुछ तो बात होती है!


समय का होश हम मदहोशों को कहाँ ।  

चार भी बैठ जायें ,जिस किसी के यहाँ ।  

बातों का सिलसिला रुकते ना बनता ।  

सैलाब में बह जाये, फिर चाहे दुनिया जहाँ 

हाँ दोस्तों में कुछ तो बात होती है !


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