Tuesday, April 2, 2024

Anniversary Poem for Mohit/Joe

RANDOM RENDEVOUZ 


चार दोस्त चार छलकते पैमाने -2 

कहीं नज़र ना लगे हमको, ना गुजरे ये ज़माने 


पूछते नहीं बिलकुल ,बस हक़ जताते है मेरे दोस्त 

बस चले इनका, तो weekend बनाये ये हर रोज़ 


क्या कर रहे हो मालिक, आज Friday night है 

Wait करती तुम्हारी scotch , whiskey, coors lite है 


आग the fire बाहर लगाते है 

आ जाओ Sharad babu , badshah तुम्हें सुनाते हैं 

Madam के साथ तुम अपने दिल की कहना, Jyotsana जी से आज रेशमी chicken kebab  बनवाते हैं 


Give up मारना मेरे दोस्तों को आता नहीं 

Friday को उनसे bottle खोले बिना ज़िया जाता नहीं 


अच्छा तुम नहीं आ पाओगे,  मजबूरियों की बड़ी line hai 

कोई नहीं ठहरो, हम on the way है, खोलो vodka या जो भी रखी wine है 


मेरे दोस्तों को परवाह नहीं, दोस्त के मिज़ाज की- 2 

Laughing stock बना वो इस group में जिसने दोस्ती में लिहाज़ की 


मैंने पूछा hello Madame, बोलो आज आप क्या पियोगे 

हंसी वो और बोली, रहने दे darling, तुम light beer वाले कब जियोगे


अब Level बढ़ा , मेरी माँ अब तो बड़ी हो जा 

गरीब सी मेरी दोस्त , तू beer veer छोड़ 

मेरी homemade pan- vodka चढ़ा


दोस्ती का flavour , दुनिया के सब flavors में the best है 

दोस्ती का comfort, देता tempur-pedic का rest है 

हो जब भी Friday शाम, हम 4  दोस्त और हाथों में जाम 

दोस्ती time waste नहीं होती दोस्तों , बल्कि यही right stock to invest है 

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