ए माँ तेरी छाँव में
हम बच्चे ही रह गये
जमाने ने पकड़ाया हमें झूठ का दामन
पर हम जमाने में अकेले और सच्चे ही रह गए
ए माँ तेरी छाँव में हम बच्चे ही रह गए
समझदारों की भीड़ में खो दिया अपने आपको
फिर भी ना जाने क्यूँ हम कच्चे ही रह गए
ए माँ तेरी छाँव में हम बच्चे ही रह गए
सही ग़लत का तालाब मेरा ख़ाली और सूखा था
उन ग़लतियों के तालाब को हम भरे चले गए
ए माँ तेरी छाँव में हम बच्चे ही रह गए
अहसानो से ज़्यादा अहसासों पर ज़ोर था
पर नादानियों के बोझ तले हम दबते रह गये
ए माँ तेरी छाँव में हम बच्चे ही रह गए
दिल की मिलकियत जब कर गयी फ़तह दिमाग़ी बाज़ियों को
ए दिल ए आशिक़ हम सब सितम सह गए
ए माँ तेरी छाँव में हम बच्चे ही रह गए
जिसके दीदार को तरसती थी आँखें
वो ढूँढते थे आंसू और हम हँसते ही रह गए
ए माँ तेरी छाँव में हम बच्चे ही रह गए
अब बदल गए वो जिन्होंने बदली थी मेरी दुनिया
सितम ग़र आशिक़ ना कहकर भी सब कुछ कह गये
ए माँ तेरी छाँव में हम बच्चे ही रह गए
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